National Institute of Plant Genome Research
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    डॉ. रमेश वी. सोंटी
    निदेशक
    राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान
    ई मेल: director@nipgr.ac.in, sonti@nipgr.ac.in, rameshvsonti@gmail.com
    दूरभाष: 011-26742267, 26735169
    फैक्स: 011-26741759
    

डॉ. रमेश सोंटी ने आंध्र विश्वविद्यालय और हैदराबाद विश्वविद्यालय से क्रमशः बीएससी और एमएससी की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूटाह विश्वविद्यालय, यूएसए से जीवाणु आनुवंशिकी के क्षेत्र में पीएच.डी की है। उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएसए से पादप आनुवंशिकी में पोस्ट डॉक्टरल शोध किया। रा.पा.जी.अनु.सं. में निदेशक के रूप में नियुक्ति से पहले, 1993 से वे सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेलुलर एंड मोलिक्यूलर बायोलॉजी, हैदराबाद में वैज्ञानिक प्रमुख और समूह अग्रणी के रूप में कार्यरत थे। उनका शोध क्षेत्र चावल और जीवाणु रोगज़नक़ों, एक्सथोनॉमस ऑरज़ीए  पीवी. ऑरज़ीए के बीच परस्पर क्रिया के उपयोग से एक मॉडल प्रणाली के रूप में पादप-रोगज़नक़ हमले और बचाव की प्रक्रियाओं को समझना हैं। चावल के विकास में विशेष रूप से जैविक तनाव सहिष्णुता बढ़ाने और उपज बढ़ाने के संबंध में मार्कर का प्रयोग उनके रुचि का विषय है ।

डॉ. रमेश सोंटी को बायोलॉजिकल साइंसेज में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार और राष्ट्रीय जैव विज्ञान पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उनको जे.सी. बोस फैलोशिप प्राप्त हुआ है। वे निम्नलिखित के निर्वाचित सदस्य हैं- भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली; राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, इलाहाबाद; भारतीय विज्ञान अकादमी, बैंगलोर; राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली। वे तेलंगाना विज्ञान अकादमी, हैदराबाद के सदस्य हैं।

डॉ. सोंटी और उनके समूह ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ राइस रिसर्च, हैदराबाद के  वैज्ञानिकों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से उन्नत साम्बा महसूरी, जो चावल की जीवाणु रोग प्रतिरोधी क्षमता की एक प्रकार है को विकसित किया। इस अंतर-संस्थागत समूह ने एसएंडटी नवाचार, ग्रामीण विकास (सीएआईआरडी) -2014 के लिए, सीएसआईआर पुरस्कार और बायोटेक प्रोडक्ट डेवलपमेंट एंड कॉमर्सिलाइजेशन एवार्ड -2016  पुरस्कार जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा प्राप्त किया है।